रायपुर । लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के बीच खास आकर्षण का ...
रायपुर । लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़
का सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बनकर उभरा
है। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव में छत्तीसगढ़
की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन पवेलियन को देखने के लिए बड़ी
संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत
किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे पंथी सहित अन्य
पारंपरिक लोक नृत्य दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
रंग-बिरंगे परिधानों, जोशीले कदमों और सशक्त जनजातीय तालों से सजी
प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग रुक-रुक कर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं
और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के फूड स्टॉल पर भी दिनभर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल
रही है। चिला, ठेठरी, खुरमी और फरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों को चखने के लिए
लोग खास रुचि दिखा रहे हैं। कई आगंतुक पहली बार छत्तीसगढ़ी ब्यंजन का स्वाद
ले रहे हैं और इसकी सादगी, स्वाद और पौष्टिकता की सराहना कर रहे हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ पर्यटन पवेलियन को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया
मिल रही है। पवेलियन के माध्यम से राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध
जनजातीय संस्कृति, त्यौहारों और विशिष्ट पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा
रही है। इसका उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन
स्थलों से जोड़ना है।
पर्यटक विशेष रूप से चित्रकोट जलप्रपात, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य
और सिरपुर जैसे प्राकृतिक एवं विरासत स्थलों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
लोग यात्रा मार्गों, ईको-टूरिज्म संभावनाओं और होमस्टे सुविधाओं के बारे
में सक्रिय रूप से जानकारी ले रहे हैं।
इसके अलावा कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की
झांकी भी भारत पर्व में प्रदर्शित की गई है, जो दर्शकों के बीच खास आकर्षण
का केंद्र बनी हुई है। देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की अवधारणा पर
आधारित यह झांकी अपनी कलात्मक प्रस्तुति और सार्थक संदेश के लिए सराही जा
रही है। बड़ी संख्या में लोग झांकी के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और
छत्तीसगढ़ के इतिहास, जनजातीय विरासत और जीवनशैली के प्रभावशाली प्रदर्शन
की प्रशंसा कर रहे हैं।
31 जनवरी को समापन होने वाला भारत पर्व 2026 देश की समृद्ध
सांस्कृतिक विविधता का भव्य मंच बनकर उभरा है, 1जहां विभिन्न राज्यों की
लोक कलाएं, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, संगीत और क्षेत्रीय व्यंजन एक साथ
देखने को मिल रहे हैं।



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