Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

ब्रेकिंग

latest

सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल की 400 पन्नों की फाइल चार्जशीट

  रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को विशेष कोर्ट में करीब 400 पन्न...

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को विशेष कोर्ट में करीब 400 पन्नों की फाइल चार्जशीट पेश कर दी है। इसके मुताबिक पर्चा लीक कराने के बाद अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर और अधिकारी बनाने के लिए बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया था। इसमें कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका रही है।

चार्जशीट में तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। खास बात यह है कि चार्जशीट के अंतिम हिस्से में कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं, परीक्षा में शामिल 29 अभ्यर्थियों को इस मामले में गवाह के रूप में पेश किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है।

सीबीआई की ओर से कोर्ट में पेश चार्जशीट के अनुसार, भर्ती घोटाले को अंजाम देने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। इसके तहत बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया था। आरोप है कि यहां अभ्यर्थियों के ठहरने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर द्वारा कराई गईं। चार्जशीट में इसका स्पष्ट उल्लेख है, जिससे पूरे प्रकरण में संगठित भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग की पुष्टि होती है।
ये है नामजद आरोपी

सीबीआई ने जिन आरोपियों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की है, उनमें तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, टामन सोनवानी का भतीजा नितेश सोनवानी, शशांक गोयल, उसकी पत्नी भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी, एक्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर, मीशा कोसले, दीपा अजगले आदिल और उत्कर्ष चंद्राकर शामिल हैं।

सीबीआई के चार्जशीट में कहा गया है कि सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किया गया प्रश्नपत्र एक वर्ष तक दबाकर परीक्षा नियंत्रक ने रखा था। इसकी कोई सरकारी एंट्री नहीं की गई और बाद में उसी प्रश्नपत्र का इस्तेमाल सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया। यह प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था और इसकी जानकारी टामन सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी। इस लीक का खुलासा उनके भतीजे विनीत खेबर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैट से हुआ, जिसके आधार पर सीबीआई ने जांच को आगे बढ़ाया।

चार्जशीट के अनुसार तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने अपने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर पहले ही उपलब्ध करा दिए थे, जिससे वह डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुआ। तलाशी के दौरान उनके घर से प्रश्नपत्र और उत्तरों की फोटोकापी भी बरामद की गई। इसी तरह टामन सोनवानी पर बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को लाभ पहुंचाने का आरोप है। नेहा और निखिल खलखो के चयन को भी सीबीआई ने संदिग्ध बताया है।

सीजीपीएससी परीक्षा 2021 में 171 पदों पर भर्ती हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2565, मुख्य में 509 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इंटरव्यू के बाद 170 की चयन सूची जारी हुई।

No comments