मैनपुर। गरियाबंद जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड मैनपुर के राजापड़ाव गौरगांव क्षेत्र में सोमवार को जन-आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्र ...
मैनपुर।
गरियाबंद जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड मैनपुर के राजापड़ाव गौरगांव
क्षेत्र में सोमवार को जन-आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्र के हजारों
ग्रामीण एक सूत्री मांग 'विद्युतीकरण' को लेकर सुबह सात बजे से
मैनपुर-देवभोग-गरियाबंद नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर बैठे हैं। कड़कड़ाती
ठंड और खुले आसमान के नीचे 12 घंटे बीत जाने के बाद भी ग्रामीण पीछे हटने
को तैयार नहीं हैं।
सड़क जाम के कारण इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय
राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर
तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ओडिशा से रायपुर के बीच नियमित सफर
करने वाले यात्री दिनभर परेशान होते रहे। आंदोलनकारी अपने साथ राशन, पानी,
बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे हैं और शासन-प्रशासन के खिलाफ लगातार
नारेबाजी कर रहे हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य
संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी वे अंधेरे
में जीवन जीने को मजबूर हैं। बिजली न होने के कारण बच्चों की शिक्षा, खेती
के लिए सिंचाई, रोजगार के साधन और स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो
रही हैं। संजय नेताम ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व ज्ञापन देने के बावजूद
कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र की पांच
पंचायतों में विद्युतीकरण का कार्य पहले से स्वीकृत था और काम चल भी रहा
था, लेकिन इसे अचानक रोक दिया गया। अब प्रशासन भूमिगत (अंडरग्राउंड)
विद्युत लाइन विस्तार का बहाना बनाकर देरी कर रहा है, जिसे ग्रामीण गुमराह
करने की कोशिश मान रहे हैं। लोकेश्वरी नेताम ने स्पष्ट किया कि राजापड़ाव
क्षेत्र के लोग अब केवल आश्वासन से नहीं मानेंगे, उन्हें धरातल पर काम शुरू
होने का ठोस प्रमाण और लिखित वादा चाहिए।



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