नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड तो हर रोज बनते हैं, लेकिन 24 फरवरी की तारीख कुदरत के किसी 'करिश्माई स्क्रिप्ट' जैसी लगत...
नई
दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड तो हर रोज बनते हैं, लेकिन 24 फरवरी
की तारीख कुदरत के किसी 'करिश्माई स्क्रिप्ट' जैसी लगती है। साल दर साल
इसी तारीख ने क्रिकेट को वो तीन 'डबल ब्लास्ट' दिए, जिन्होंने इस खेल की
परिभाषा बदल दी। आज का दिन क्रिकेट इतिहास के उन तीन सूरमाओं के नाम है,
जिन्होंने क्रीज को अपना साम्राज्य बनाया और गेंदबाजों की बेरहमी से धुनाई
कर 'दोहरा कीर्तिमान' स्थापित किया।
आज से 16 साल पहले ग्वालियर का
रूप सिंह स्टेडियम एक ऐसे इतिहास का गवाह बना, जो सदियों तक अमर रहेगा।
सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खूंखार अटैक की धज्जियां उड़ाते हुए
नाबाद 200 रन ठोके।
बीट गॉसिप: उस समय 200 का आंकड़ा वनडे में असंभव
माना जाता था, लेकिन 'मास्टर' की 147 गेंदों की उस पारी ने साबित कर दिया
कि रिकॉर्ड्स उनके पीछे चलते हैं। टीम इंडिया ने 401 का पहाड़ खड़ा किया और
प्रोटियाज को 153 रनों से धूल चटा दी।
ठीक तीन साल बाद, तारीख वही
थी लेकिन फॉर्मैट और तेवर बदल चुके थे। एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में एमएस
धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी बैटिंग का वो 'विराट' रूप दिखाया जिसे
आज भी 'चेपॉक का तूफान' कहा जाता है।
पंच लाइन: बतौर कप्तान और
विकेटकीपर धोनी ने 224 रनों की मैराथन पारी खेलकर कंगारू गेंदबाजों का घमंड
चूर-चूर कर दिया। यह किसी भी भारतीय विकेटकीपर का टेस्ट में सबसे बड़ा
स्कोर बना और टीम इंडिया ने 8 विकेट से मैच जीतकर कंगारुओं को बैकफुट पर
धकेल दिया।



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