नई दिल्ली । यूनाइटेड स्टेट्स कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर एक बड़...
नई
दिल्ली । यूनाइटेड स्टेट्स कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर एक बड़ा
फैसला लिया है। CBP का कहना है कि वे मंगलवार, 24 फरवरी की रात 12:01 बजे
EST से इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत टैरिफ लेना
बंद कर देंगे। सीबीपी की तरफ से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि यूएस
के ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए सभी तरह के टैरिफ 24 फरवरी से खत्म हो
जाएंगे। इसमें रूस से तेल खरीदने पर भारत जैसे देशों पर लगने वाली ड्यूटी
भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 20 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप
के 'रेसिप्रोकल टैरिफ' को लेकर अहम फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने
अपने फैसले में इस टैरिफ को पूरी तरह गैर-कानूनी करार दिया था। हालांकि,
कोर्ट के फैसले के बाद भी अमेरिकी इंपोर्टर्स देश में आने वाले सामान पर
टैरिफ दे रहे थे, क्योंकि CBP ने तब तक IEEPA के तहत ट्रंप के टैरिफ को
हटाने के लिए अपनी कार्गो सिस्टम मैनेजमेंट सर्विस को अपडेट नहीं किया था।
CBP
ने govdelivery.com पर जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि राष्ट्रपति के
पुराने फैसलों के तहत IEEPA के अंतर्गत लगाई गई ड्यूटी, जिसमें सभी बदलाव
और संशोधन शामिल हैं, अब लागू नहीं होंगी। सीबीपी ने आगे बताया कि 24
फरवरी, 2026 को ईस्टर्न टाइम के हिसाब से सुबह 12:00 बजे या उसके बाद
इस्तेमाल के लिए लाए गए या वेयरहाउस से निकाले गए सामान के लिए कोई ड्यूटी
नहीं ली जाएगी।
बयान के साथ ही उन प्रेसिडेंशियल ऑर्डर्स की लिस्ट
भी दी गई है, जिनके तहत मंगलवार से ड्यूटी लागू नहीं होंगी। ट्रंप के
रेसिप्रोकल टैरिफ के सभी आदेशों को अब बदल दिया जाएगा, क्योंकि यूएस की
सुप्रीम कोर्ट ने इसे कानून के विरुद्ध माना है। इस कदम से भारत समेत
अमेरिका के कई प्रमुख व्यापारिक सहयोगियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की
उम्मीद है।



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