नयी दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने देश में शिक्षा परिवर्तन के लिए एक स्पष्ट दिशा दी...
नयी दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने देश में शिक्षा परिवर्तन के लिए एक स्पष्ट दिशा दी है और सरकार का ध्यान हर कदम पर शिक्षकों को सहयोग देने पर केंद्रित है। शिक्षकों को मौजूदा समय में गुणवत्तापूर्ण संसाधनों की आवश्यकता है जो प्रत्येक कक्षा स्तर पर प्रत्येक विद्यार्थी की विविध आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
श्री प्रधान ने मंगलवार को यहां भारती एयरटेल फाउंडेशन और वैश्विक
गैर-लाभकारी संस्था, सीके-12 फाउंडेशन, के एक साझेदारी कार्यक्रम में अपने
संबोधन में कहा कि आज एआई अब विलासिता नहीं रहा, यह एक आवश्यकता है। यह पहल
हमारे शिक्षकों को सशक्त बनाने के लिए तकनीक के उपयोग की दिशा में एक
परिवर्तनकारी कदम है। वर्ष 2024 में 'द टीचर ऐप 'के लॉन्च का हिस्सा रहने
के बाद अब इसका यह अगला चरण देखना प्रेरणादायक है, जो देश के स्कूलों में
कक्षाओं में एआई के एकीकरण में सहयोग कर रहा है।
देश की शिक्षा व्यवस्था में एआई को तेज गति से अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारती एयरटेल फाउंडेशन ने वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था, सीके-12 फाउंडेशन, के साथ साझेदारी की है ताकि के-12 के सभी शिक्षकों के लिए 45 से अधिक एआई-सक्षम शिक्षण साधनों को द टीचर ऐप में एकीकृत किया जा सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में लॉन्च के बाद मात्र 15 महीनों में 'द टीचर ऐप' ने दो लाख से अधिक शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री और शिक्षण अनुभवों से जोड़ा है, जो इस मांग को मजबूती से दर्शाता है।
इसका नया एआई-सक्षम संस्करण शिक्षण प्रक्रिया में सीधे एक सहायक के तौर पर मदद करता है, जो रियल टाइम, कक्षा के अनुसार सहयोग प्रदान करता है और सभी कक्षाओं तथा सभी विषयों के लिए जरूरी कंटेंट तक सहज पहुंच सुनिश्चित करता है।
इस साझेदारी पर भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष और भारती एयरटेल फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष राकेश भारती मित्तल, ने कहा, "शिक्षक भारत के भविष्य के निर्माता हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने उन्हें उचित रूप से हमारे राष्ट्र के शैक्षिक परिवर्तन के केंद्र में रखा है। आज सीके-12 के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से, हम शिक्षकों के संसाधनों का दायरा बढ़ा रहे हैं। हम इंटेलिजेंट क्लासरूम के संसाधनों को जोड़ रहे हैं, ताकि शिक्षक तैयारी में कम समय लगाएं और युवा विद्यार्थियों को प्रेरित करने में अधिक समय दे सकें। ऐसे समय में जब भारत विकसित भारत 2047 के संकल्प को अपनाते हुए आगे बढ़ रहा है, यह पहल दर्शाती है कि सुविचारित ढंग से एकीकृत एआई किस प्रकार शिक्षकों की हर शिक्षार्थी तक पहुंचने की क्षमता को सशक्त बना सकता है और देश के भविष्य-उन्मुख शिक्षा के लक्ष्य को आगे बढ़ा सकती है।"
शिक्षक प्रशिक्षण में एआई के महत्व को रेखांकित करते हुए सीके-12 की
सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक नीरू खोसला ने कहा कि शिक्षा में एआई अब
वैकल्पिक नहीं रहा। आज शिक्षकों को ऐसे समझदार संसाधनों की जरूरत है जो
बदलती कक्षा परिस्थितियों के अनुसार काम करें। यह साझेदारी हमें द टीचर ऐप
के व्यापक स्तर को सीके-12 के प्रौद्योगिकी क्षमता के साथ जोड़ने का अवसर
देती है, ताकि प्रत्येक शिक्षक को सार्थक और भविष्य के लिए तैयार सहयोग
प्रदान किया जा सके।



No comments