जगदलपुर: बस्तर और दंडकारण्य में कभी दहशत का पर्याय रहे पूर्व माओवादी नेता अब मुख्यधारा की राजनीति में उतरने की तैयारी में हैं। आत्मसमर्...
जगदलपुर:
बस्तर और दंडकारण्य में कभी दहशत का पर्याय रहे पूर्व माओवादी नेता अब
मुख्यधारा की राजनीति में उतरने की तैयारी में हैं। आत्मसमर्पण के बाद इन
नेताओं ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की, जिसके बाद
उनके चुनावी इरादे चर्चा में हैं।
पूर्व माओवादी नेता सेंट्रल कमीशन
प्रमुख देवजी, ओडिशा व दंडकारण्य के प्रभारी रहे संग्राम, सुजाता,
चंद्रन्ना, दामोदर और गगन्ना ने आत्मसमर्पण के बाद मुख्यमंत्री से औपचारिक
मुलाकात की। इस दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी समेत वरिष्ठ
अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कम से कम चार नेता आगामी
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।
राजनीतिक
हलकों में इसे बड़ा और संवेदनशील बदलाव माना जा रहा है। सवाल यह है कि जिन
चेहरों का अतीत हिंसा और खून-खराबे से जुड़ा रहा, उन्हें राजनीतिक दल
कितना स्वीकार करेंगे और जनता उन्हें अपने प्रतिनिधि के रूप में कितना
भरोसा देगी।
यह प्रयोग तेलंगाना की राजनीति को नई दिशा भी दे सकता
है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में समर्पण करने वाले केंद्रीय समिति सदस्य रुपेश
ने भी समर्पण के बाद ऐसे ही संकेत दिए थे। फिलहाल वे पुलिस सुरक्षा में रह
रहे हैं।



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