बिलासपुर। लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग यानी थ्री सी आइएफआर का लाइसेंस मिल गया है। इस स...
बिलासपुर।
लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट को नाइट
लैंडिंग यानी थ्री सी आइएफआर का लाइसेंस मिल गया है। इस स्वीकृति के साथ अब
इस एयरपोर्ट से 72 और 80 सीटर तक विमान 24 घंटे बिना किसी बाधा के संचालित
हो सकते हैं। खराब मौसम के कारण अब फ्लाइट कैंसिल होने की आशंका समाप्त हो
गई है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।
इस एयरपोर्ट को
सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति या अन्य
शहरवासियों का संघर्ष किसी से छिपा नहीं है। बिलासपुर से 24 घंटे हवाई
सुविधा के लिए जनसाधारण पिछले छह साल से आवाज बुलंद कर रहा है। 2021 मार्च
से अस्तित्व में आए इस एयरपोर्ट में अभी केवल आंशिक रूप से उड़ानों का
संचालन हो रहा है, जबकि चारों महानगर तक प्रतिदिन एक उड़ान नाइट लैंडिंग
सुविधा और फोर सी एयरपोर्ट की मांग अधूरी थी। लगातार मांग का ही नतीजा है
कि एक बड़ी मांग नाइट लैंडिंग सुविधा पूरी हो गई है।
नाइट लैंडिंग
लाइसेंस मिलने से अब 72 और 80 सीटर विमान बिलासपुर से पूरे 24 घंटे संचालित
हो सकेंगे। पहले यह सुविधा नहीं थी। इस वजह से शाम होने के बाद एयरपोर्ट
में सन्नाटा पसरा जाता था। आने वाले दिनों में सुविधाओं का विस्तार भी
होगा। इसके लिए निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है।
हवाई सुविधा जन
संघर्ष समिति ने इस सुविधा की मंजूरी मिलने पर केंद्र और राज्य सरकार के
प्रति आभार जताया। हालांकि वह पूरी तरह खुश नहीं है। उनका कहना है कि मांग
अभी 50 प्रतिशत की पूरी हुई है। सभी महानगरों तक सीधी उड़ान और फोर सी
एयरपोर्ट बनने का सपना साकार होना बाकी है। जबकि तक यह मांग पूरी नहीं हो
जाती, संघर्ष जारी रहेगा। इसी तरह वह अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
बिलासपुर
एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग लाइसेंस मिलने की इस स्वीकृति पर केंद्रीय राज्य
मंत्री तोखन साहू की अहम भूमिका है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन का कहना है
कि इस श्रेणी में उन्नत किए जाने की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के लिए एक
ऐतिहासिक और दूरगामी महत्व की उपलब्धि है। इस निर्णय से अब बिलासपुर
एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय
हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम
एवं विश्वसनीय हवाई सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु के
प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री
विष्णु देव साय की विकासपरक सोच वाली डबल इंजन की सरकार के परिणामस्वरूप आज
छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य संभव हो रहे
हैं। बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए रक्षा मंत्रालय से आवश्यक भूमि के
हस्तांतरण की प्रक्रिया में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के बीच
प्रभावी समन्वय एवं निरंतर संवाद एक महत्वपूर्ण कड़ी रही, जिसके कारण यह
बहुप्रतीक्षित परियोजना साकार हो सकी।
यह उन्नयन न केवल बिलासपुर
बल्कि पूरे संभाग और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए व्यापार, उद्योग, निवेश और
पर्यटन के नए द्वार खोलेगा। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों
को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति प्राप्त होगी।
भारत
सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीएस) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को
थ्री सी श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसको
लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा
में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है। उन्होंने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब
बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। आल वेदर
आपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार,
उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



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