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बिलासपुर में अफीम पर प्रशासन का सख्त अभियान: तहसीलदार, पटवारी और सचिव करेंगे खेतों की जांच

   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में अफीम की अवैध खेती के चौंकाने वाले मामलों के बाद अब बिलासपुर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। ...

  

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में अफीम की अवैध खेती के चौंकाने वाले मामलों के बाद अब बिलासपुर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शासन से मिले निर्देश के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के किसी भी कोने में नशे का यह काला कारोबार पनपना नहीं चाहिए।

इसके लिए अब तहसीलदार, पटवारी और ग्राम सचिवों की फौज को मैदान में उतार दिया गया है, जो गांव-गांव जाकर खेतों की खाक छानेंगे और संदिग्ध फसलों की पहचान करेंगे।
अपराधी खेतों के बीचों-बीच अफीम की खेती कर रहे हैं

दुर्ग और बलरामपुर में हुई कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि शातिर अपराधी खेतों के बीचों-बीच अफीम की खेती कर रहे हैं। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी कलेक्टरों को मामले में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

शासन से निर्देश मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व और पुलिस विभाग को हाई अलर्ट पर रखा है। अब केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा न कर जमीन पर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा।
यह जांच केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं

तहसीलदार और उनकी टीम को विशेष रूप से उन इलाकों में भेजा जा रहा है जहां बाहरी लोग खेती कर रहे हैं या जो इलाके वनांचल से सटे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। यदि किसी भी गांव में अफीम या गांजा की खेती पाई जाती है, तो उसके लिए वहां के मैदानी अमले पटवारी और सचिव को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।

कलेक्टर ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सूचना छिपाने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी एफआइआर दर्ज कराई जा सकती है।

कलेक्टर ने मैदानी अमले को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि पटवारी और ग्राम सचिव अपने-अपने क्षेत्रों के फसल चक्र की रिपोर्ट हर हफ्ते अपडेट करेंगे। अगर किसी हल्के में अफीम की खेती मिली और संबंधित कर्मचारी ने इसकी जानकारी पहले नहीं दी होगी, तो इसे उनकी मिलीभगत मानकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।

अफीम की खेती अवैध व पूरी तरह प्रतिबंधित है। हमने तहसीलदार और सचिवों को गांव-गांव जाकर जांच के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं भी ऐसा मामला सामने आता है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। नशे के सौदागरों के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।

-संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर

 

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