रायपुर। बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन आवासीय परिसर में तीन छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर प...
रायपुर।
बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन आवासीय परिसर में तीन
छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर पूरे
शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी परिसर में पिछले दो वर्षों में
यह चौथा मामला है, जिससे छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक
जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।
इस मामले में सोमवार को
छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने इस मामले में
सरकार को घेरते हुए सवालों की बौछार कर दी।
जानकारी के अनुसार तीनों
छात्राएं हायर सेकंडरी कक्षाओं में पढ़ती थीं। इनमें से एक छात्रा आरएमएसए
के तहत संचालित पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में दर्ज थी, जबकि दो
छात्राएं सामने स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल की
छात्राएं बताई जा रही हैं।
लगातार नाबालिक छात्राओं खासतौर से
आदिवासी लड़कियों को लेकर 2002 से लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य की
सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर हम स्थगन लाए हैं।
कृपया सारा काम रोककर इस पर चर्चा कराएं।
एक बच्ची 11 कक्षा में
पढ़ती थी और दूसरी 12 वीं में पढ़ती थी, लेकिन अब तक सरकार ने कोई
कार्यवाही नहीं की है। इस पर चर्चा जरूरी है।
पोर्टा केबिन में
घटनाएं अभी की नहीं हैं। सालों से चली आ रही हैं। अभी तो दुष्कर्म का मामला
आया है। बच्चियों की अचानक मौत हो जाती है। बाद में बीमारी का बहाना बताकर
उनको मौत की वजह बताई जाती है। ना डॉक्टर, ना रहने की व्यवस्था है। आप इस
पर पूरी तरह से विचार कर लें और इस पर चर्चा कराएं।
दोनों ही छात्राएं पूर्व में अध्ययनरत थीं। दोनों ही स्वेच्छा से छात्रावास छोड़कर दूसरे स्वामी आत्मानंद में पढ़ रही हैं।



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