वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से होने वाले त...
वाशिंगटन
। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को चेतावनी दी कि
यदि उसकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से होने वाले तेल के परिवहन को
रोकती हैं, तो उन पर 'बीस गुना अधिक भयानक' हमला किया जाएगा।
श्री
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, "अगर ईरान ऐसा कुछ भी करता
है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर तेल का प्रवाह रुकता है, तो अमेरिका
उन पर अब तक हुए हमलों की तुलना में बीस गुना अधिक जोर से हमला करेगा।"
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, अमेरिका आसानी से नष्ट होने वाले लक्ष्यों
को खत्म कर देगा, जिससे ईरान के लिए एक राष्ट्र के रूप में फिर से खड़ा
होना लगभग असंभव हो जाएगा।
श्री ट्रंप ने इस चेतावनी को ' अमेरिका
की ओर से चीन और उन सभी देशों के लिए एक उपहार' बताया जो होर्मुज
जलडमरूमध्य का काफी उपयोग करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस 'पहल' की
काफी सराहना की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 10 मार्च तक होर्मुज
जलडमरूमध्य मार्ग में वाणिज्यिक यातायात लगभग पूरी तरह से ठप हो गया है।
हालांकि औपचारिक रूप से इसे बंद करने की कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन
अत्यधिक जोखिमों के कारण बीमा कंपनियों द्वारा बीमा रद्द करने के कारण इस
मार्ग पर यातायात प्रभावी रूप से बंद हो गया है।
मार्सक, सीएमए
सीजीएम और हैपग-लॉयड जैसी प्रमुख परिवहन कंपनियों ने इस मार्ग से आवाजाही
को स्थगित कर दिया है और जहाजों को 'केप ऑफ गुड होप' के रास्ते भेज रहे
हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से ही ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम आठ नाविक मारे गये हैं और कई टैंकर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
छह
मार्च को, संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाली नौका मुसाफा-2 एक विस्फोट के
बाद डूब गयी, जिससे चालक दल के तीन सदस्य लापता हो गए। सात मार्च को,
माल्टा के ध्वज वाले टैंकर 'प्रिमा' पर कथित तौर पर एक ईरानी ड्रोन द्वारा
हमला किया गया था।
भारत वर्तमान में इस क्षेत्र में फंसे 36 भारतीय
ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर विचार कर रहा
है। फ्रांस ने भी युद्ध की तीव्रता कम होने के बाद जहाजों को सुरक्षित
एस्कॉर्ट करने के लिए एक मिशन की तैयारी की घोषणा की है।
नाकाबंदी
के परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतें 9 मार्च को 120 अमेरिकी डॉलर प्रति
बैरल तक बढ़ गईं, जो बाद में घटकर लगभग 88-90 डॉलर पर आ गईं।
कुवैत
और कतर ने कुछ ऊर्जा अनुबंधों पर 'फोर्स मेज्योर' घोषित कर दिया है क्योंकि
टैंकर सुरक्षित रूप से फारस की खाड़ी से बाहर निकलने में असमर्थ हैं।
'फोर्स मेज्योर' एक सामान्य क्लॉज है जो अनिवार्य रूप से दोनों पक्षों को
दायित्व या बाध्यता से मुक्त करता है जब पार्टियों के नियंत्रण से बाहर कोई
असाधारण घटना या परिस्थिति आ जाती है।
यह जलडमरूमध्य पश्चिमी देशों
से जुड़े वाणिज्यिक यातायात के लिए प्रभावी रूप से बंद है। हालांकि, इसके
कुछ अपवाद भी हैं। कुछ चीनी ध्वज वाले जहाजों ने स्वचालित पहचान प्रणाली
(एआईएस) के माध्यम से अपनी स्थिति प्रसारित कर सफलतापूर्वक पारगमन किया है।
वैश्विक
तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत (पाँचवाँ हिस्सा) इस जल क्षेत्र से होकर
गुजरता है। अमेरिकी ऊर्जा प्रशासन के अनुसार, इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले
कच्चे तेल का लगभग 84-89 प्रतिशत और एलएनजी का 83 प्रतिशत हिस्सा एशिया के
लिए होता है।
भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में उर्जा आपूर्ति के लिए यह जलमार्ग काफी महत्वपूर्ण है।



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