रायपुर: राजधानी में बार और क्लबों में देर रात तक चल रही शराब पार्टियों पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। नियमों के खुले उल...
रायपुर:
राजधानी में बार और क्लबों में देर रात तक चल रही शराब पार्टियों पर रोक
लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। नियमों के खुले उल्लंघन के
बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। हालात ऐसे हैं कि प्रशासन की सख्ती
केवल फोटो और वीडियो तक सीमित नजर आ रही है, जबकि असल गतिविधियां जारी हैं।
वीकेंड पर देर रात तक चल रही पार्टियां
रायपुर के प्रमुख बार और क्लबों में शनिवार और रविवार को भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में युवक-युवतियां देर रात तक पार्टी करते हैं। कई जगहों पर रात तीन से चार बजे तक शराब परोसी जा रही है, जो निर्धारित समय सीमा का स्पष्ट उल्लंघन है। VIP तिराहा सहित कई इलाकों में देर रात नशे में लोगों के कारण हंगामे की स्थिति बनती है, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
सिर्फ ड्रिंक एंड ड्राइव पर कार्रवाई
पुलिस
द्वारा मुख्य रूप से ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में ही कार्रवाई की जा
रही है। हालांकि, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन से बार और क्लब देर रात तक
खुले रहते हैं, इस पर आबकारी और पुलिस विभाग की निगरानी क्यों नहीं है।
बाउंसरों के जरिए छिपाई जा रही गतिविधियां
बार
संचालकों ने अब अंदर की गतिविधियों को छिपाने के लिए नया तरीका अपनाया है।
बाउंसरों को सख्ती से तैनात किया गया है, जो ग्राहकों को मोबाइल से फोटो
या वीडियो बनाने से रोकते हैं। कई जगहों पर ग्राहकों के मोबाइल बाहर ही जमा
करवा लिए जाते हैं, जिससे किसी भी तरह के सबूत बाहर न आ सकें।
आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार जनवरी से अब तक केवल तीन बार के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। अधिकांश मामलों में सिर्फ एक या दो दिन के लिए सस्पेंशन की औपचारिक कार्रवाई की जाती है। विभाग की कार्रवाई भी अक्सर पुलिस की अनुशंसा पर निर्भर रहती है, जिससे निगरानी और नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है।
बार और क्लबों में निर्धारित समय और नियमों का पालन अनिवार्य है। कहीं भी उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच टीमों को सक्रिय किया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
-राजेश शर्मा, उपायुक्त, आबकारी



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