कोरबा। अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की एक टीम को नाराज गांव के लोगों ने न केवल घेर लिया, बल्कि टीम में शामिल एक मुखबिर पर वसूली का ...
कोरबा।
अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की एक टीम को नाराज गांव के लोगों ने न
केवल घेर लिया, बल्कि टीम में शामिल एक मुखबिर पर वसूली का आरोप लगाते हुए
उसकी जमकर पिटाई कर दी। नाराज लोगों ने आबकारी विभाग की गाड़ी में भी
तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत किया। इस
घटना की रिपोर्ट आबकारी विभाग ने दर्ज नहीं कराई है।
वहीं ग्रामीणों
की शिकायत पर मुखबिर के खिलाफ भयादोहन का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
आबकारी विभाग की टीम प्रभारी नारायण सिंह कंवर के नेतृत्व में शुक्रवार को
स्कॉर्पियो से भैसमा गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम में दो
वर्दीधारी कर्मचारी, एक मुखबिर और वाहन चालक शामिल थे। गांव पहुंचते ही
किसी बात को लेकर ग्रामीणों और टीम के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते
उग्र हो गया।
ग्रामीणों ने टीम को चारों ओर से घेर लिया और प्रभारी
कंवर को बंधक बना लिया। वहीं, मुखबिर प्रमोद देवांगन और वाहन चालक के साथ
ग्रामीणों ने मारपीट की। स्थिति बिगड़ती देख टीम के अन्य कर्मचारियों ने
किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचते हुए उच्च अधिकारियों को
घटना की सूचना दी।
अधिकारियों ने 112 आपातकालीन टीम को मौके पर
भेजा, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके
बाद उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद प्रभारी कंवर को
ग्रामीणों के चंगुल से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
आबकारी
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में विभागीय वाहन को भी नुकसान
पहुंचाया है। ग्रामीण मुखबिर प्रमोद देवांगन को लेकर नाराज थे। ग्रामीणों
का आरोप है कि वह मुखबिरी के नाम पर कभी किसी से 20 हजार तो कभी किसी से 10
हजार रुपये वसूल कर ले जाता है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में
आबकारी विभाग की तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर
प्रमोद के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रमोद को लेकर ग्रामीणों ने
नाराजगी देखी जा रही है। शनिवार को फिर से ग्रामीण लामबंद होकर उरगा थाना
जा पहुंचे और प्रमोद को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।



No comments