रायपुर। रायपुर के तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग शुल्क को लेकर उठे विवाद के बाद नगर निगम ने फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। लोक निर्माण ...
रायपुर।
रायपुर के तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग शुल्क को लेकर उठे विवाद के
बाद नगर निगम ने फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की
सड़क पर पार्किंग शुल्क तय कर निगम के लगाए गए बोर्ड के बाद लोगों में
असमंजस की स्थिति बन गई थी। अब एक फरवरी की शाम महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट
किया कि, फिलहाल पार्किंग शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
महापौर ने
स्वीकार किया कि, सड़क पर खड़ी गाड़ियों से पार्किंग शुल्क वसूलना
व्यावहारिक नहीं है। निगम के पास तेलीबांधा तालाब के आसपास ऐसी कोई
निर्धारित जगह नहीं है, जहां वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जा सकें। इसी
वजह से अगले 15 दिनों तक तालाब किनारे बैठने और घूमने आने वालों की
मॉनिटरिंग की जाएगी।
महापौर ने यह भी कहा कि, तालाब की दूसरी ओर
सड़क किनारे बड़े कॉमर्शियल संस्थान हैं, जहां आने वाले लोग अपने वाहन
तालाब की ओर खड़े कर देते हैं। जिससे अव्यवस्था होती है। इस पर नियंत्रण का
अधिकार नगर निगम के पास नहीं, बल्कि यातायात पुलिस के पास है। इस कारण
निगम पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर व्यवस्था बनाने पर विचार करेगा।
महापौर
ने बताया कि, साल 2021-22 में भी तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग
व्यवस्था को लेकर टेंडर निकाला गया था। लेकिन उस समय कुछ विसंगतियों के
चलते भाजपा संगठन और पार्षद दल ने विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि,
वर्तमान निर्णय राजस्व विभाग ने वर्ष 2017-18 के संकल्प के आधार पर लिया
था। जिसमें पार्किंग शुल्क की दरें तय थीं। उस आधार पर व्यवस्था बनाने की
कोशिश की गई।
इधर, कांग्रेस और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया
है कि, इस बार पार्किंग शुल्क तय करने से पहले यातायात समिति से राय नहीं
ली गई। पूर्व सभापति प्रमोद दुबे ने कहा कि, बोर्ड लगाकर सीधे दरें तय कर
देना गलत प्रक्रिया है।
तेलीबांधा मरीन ड्राइव के कथित व्यवसायीकरण
के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के
नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी
करते हुए इस फैसले को जनविरोधी बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जीई रोड
शहर का प्रमुख सार्वजनिक मार्ग है और यहां पार्किंग ठेका देना नियमों के
खिलाफ है।
कांग्रेस का आरोप है कि, मरीन ड्राइव वर्षों से
शहरवासियों के मॉर्निंग और इवनिंग वॉक का प्रमुख सार्वजनिक स्थल रहा है,
लेकिन अब इसे व्यावसायिक हितों में झोंका जा रहा है। शहर अध्यक्ष श्रीकुमार
मेनन समेत अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया
तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मरीन ड्राइव में जबरन पार्किंग शुल्क
वसूली पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन
मंत्री, रायपुर सांसद और शहर के चारों विधायकों को पत्र लिखा है। पूर्व
विधायक विकास उपाध्याय ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया
है कि जब पार्किंग की समुचित सुविधा ही नहीं है, तो शुल्क किस आधार पर
वसूला जा रहा है।



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