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Epstein Files ने अमेरिका, ब्रिटेन, नॉर्वे और फ्रांस तक मचाया भूचाल

    नई दिल्ली । कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेज जैसे-जैसे सार्वजनिक हो रहे हैं, वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और प्...

  

नई दिल्ली । कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेज जैसे-जैसे सार्वजनिक हो रहे हैं, वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज होती जा रही है। अमेरिका, ब्रिटेन, नॉर्वे, फ्रांस समेत कई देशों में बड़े पदों पर बैठे लोगों पर दबाव बढ़ा है और अनेक हाई-प्रोफाइल इस्तीफे सामने आए हैं।

इन दस्तावेजों में पैसों के लेन-देन, सामाजिक संबंधों और निजी मुलाकातों से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारियां शामिल हैं। हजारों ईमेल, तस्वीरें और वीडियो एपस्टीन और उसके प्रभावशाली संपर्कों के संदिग्ध नेटवर्क की परतें खोल रहे हैं।
बढ़ता दबाव, एक के बाद एक इस्तीफे

खुलासों के बाद दुनियाभर में कई शीर्ष पदों पर बैठे लोग जनदबाव के चलते पद छोड़ने को मजबूर हुए हैं। हाल के दिनों में ब्रिटेन और नॉर्वे में भी कई प्रमुख हस्तियों ने इस्तीफा दिया है। ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को पद छोड़ना पड़ा।

उन पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की सिफारिश की थी। मैकस्वीनी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि यह सलाह एक भूल थी और इसी की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
नॉर्वे में भी गिरी गाज

नॉर्वे में भी एपस्टीन फाइल्स का असर साफ दिखाई दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार वरिष्ठ राजनयिक और पूर्व मंत्री मोना जूल एपस्टीन से कथित संबंधों के कारण जल्द ही पद छोड़ेंगी।

66 वर्षीय मोना जूल इससे पहले नॉर्वे सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और इज़रायल, ब्रिटेन व अमेरिका में नॉर्वे की राजदूत के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
अमेरिका में सबसे गहरा असर

एपस्टीन फाइल्स का सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिका में देखने को मिला। फरवरी 2026 में ब्रैड कार्प ने एक प्रमुख लॉ फर्म के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जब एपस्टीन के साथ उनके ईमेल संपर्क सामने आए।

इससे पहले नवंबर 2025 में पूर्व अमेरिकी अधिकारी लैरी समर्स ने एक बोर्ड पद छोड़ा और स्वीकार किया कि एपस्टीन से संबंध रखना उनकी गंभीर भूल थी।

दिसंबर 2025 में एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी विवादों के बीच इस्तीफा दे दिया। हालांकि उनके खिलाफ सीधे संबंध साबित नहीं हुए, लेकिन एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवाद ने उन पर जबरदस्त दबाव बना दिया।
यूरोप में भी दिखा असर

यूरोप में भी इन खुलासों के गंभीर परिणाम सामने आए। फ्रांस के पूर्व मंत्री जैक लैंग ने एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया। स्लोवाकिया में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक ने ईमेल विवाद के बाद पद छोड़ दिया। स्वीडन में एक वरिष्ठ अधिकारी ने एपस्टीन के निजी द्वीप से जुड़े आरोप सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया।
सिर्फ संपर्क भी बना कारण

गौर करने वाली बात यह है कि इन अधिकांश मामलों में अपराध सिद्ध नहीं हुए हैं। इसके बावजूद, केवल एपस्टीन से संपर्क उजागर होने भर से ही भारी विवाद और जनआक्रोश पैदा हुआ। संस्थानों की साख और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कई लोगों ने पद छोड़ना ही उचित समझा।

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