मुंबई । साल 1993 में तीन ऐसी फिल्में आईं, जिनमें से दो तो बड़े बजट की फिल्में थीं, लेकिन इनमें एक छोटे बजट की फिल्म कमाल कर गई। बड़ी बा...
मुंबई
। साल 1993 में तीन ऐसी फिल्में आईं, जिनमें से दो तो बड़े बजट की फिल्में
थीं, लेकिन इनमें एक छोटे बजट की फिल्म कमाल कर गई। बड़ी बात है कि एक
बंदर बड़े स्टार्स (Govinda Monkey Film) पर भारी पड़ा था। 90 के दशक में
कई ऐसी फिल्में आईं जिनकी खूब चर्चा हुई और वे महंगे बजट में बनीं, लेकिन
वह फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं।
हालांकि उसी दौर में कुछ ऐसी
फिल्में भी आईं, जिनका कोई प्रचार नहीं हुआ और कोई हीरो प्रमोशन करता नहीं
दिखा, पर फिर भी वह फिल्में कमाल कर गई हैं। आज बात उसी फिल्म की जिसमें एक
बंदर ने अनिल कपूर, श्रीदेवी से लेकर सनी देओल जैसे स्टार्स को मजा चखा
दिया था।
साल 1993 में तीन फिल्में खूब चर्चा में रहीं। बड़ी बात यह
थी कि ये फिल्में आसपास ही रिलीज हुईं और बॉक्स ऑफिस पर वो कमाल नहीं दिखा
पाईं, लेकिन इनमें से बाजी एक फिल्म मार ले गई। उस साल एक तरफ हिंदी
सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म थी, दूसरी तरफ सितारों की फौज वाली एक बड़ी
फिल्म, और तीसरी तरफ थी एक 'बिना सिर-पैर' वाली कॉमेडी फिल्म।
इन
तीन फिल्मों में पहली फिल्म थी 'रूप की रानी चोरों का राजा' (Roop Ki Rani
Choron ka raja)। यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी फिल्म थी। फिल्म पर बोनी
कपूर ने पानी की तरह पैसा बहाया था। यह उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी।
इसके बाद दूसरी फिल्म सनी देओल (Sunny Deol), संजय दत्त, धर्मेंद्र, विनोद
खन्ना, रवीना टंडन और दिव्या भारती जैसे सितारों से सजी थी और फिल्म का नाम
था 'क्षत्रिय'। तीसरी फिल्म थी 'आंखें', जिसमें गोविंदा (Govinda), चंकी
पांडे, राज बब्बर और कादर खान जैसे स्टार्स नजर आए थे।
डेविड धवन की फिल्म ने ऐसे मारी बाजी
फिल्म
'आंखें' जब आई तो उसके सामने पहले ही दो बड़ी फिल्में 'क्षत्रिय' और 'रूप
की रानी चोरों का राजा' थीं। इन दोनों फिल्मों में बड़े स्टार्स थे। ऐसे
में डेविड धवन की फिल्म से ज्यादा किसी को उम्मीदें थीं नहीं। ऊपर से फिल्म
'आंखें' का ना कोई प्रमोशन किया गया था और ना ही कोई बड़े गाने रिलीज किए
गए थे। हाल ही में डेविड धवन का एक इंटरव्यू वायरल हुआ जिसमें उन्होंने इस
पर बात की है।
बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में डेविड धवन ने
बताया कि उस वक्त जब फिल्म आ रही थी कुछ खास नहीं था, ना कोई पोस्टर्स लगाए
गए थे और ना ही कोई गाना आया था। जब 'आंखें' आई तो यह फिल्म दो बड़ी
फिल्मों के बीच में रिलीज हुई थी। 'आंखें' से एक हफ्ते पहले 'क्षत्रिय' आई
थी, वो जेपी दत्ता की फिल्म थी और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म थी और उसके
बाद मेरी फिल्म 'आंखें' आई और फिर उसके अगले हफ्ते एक और बड़ी फिल्म 'रूप
की रानी चोरों का राजा' आई। बीच में छोटी फिल्म 'आंखें' कमाल कर गई और खूब
हिट रही।
सितारों पर भारी पड़ा फिल्म का 'बंदर'
आपको बता दें
कि 'क्षत्रिय' (Kshatriya Movie) फिल्म को जेपी दत्ता ने बनाया था और फिल्म
में सनी देओल, संजय दत्त, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, रवीना टंडन, दिव्या
भारती और मीनाक्षी शेषाद्रि समेत कई स्टार्स नजर आए थे। इस एपिक एक्शन वॉर
फिल्म की स्टारकास्ट काफी बड़ी थी।
हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर
फ्लॉप हो गई थी। इसके करीब 10 दिन बाद 'आंखें' रिलीज हुई और फिर 'आंखें' के
करीब एक हफ्ते बाद ही फिल्म 'रूप की रानी और चोरों का राजा' रिलीज हुई।
'रूप की रानी चोरों का राजा' में अनिल कपूर और श्रीदेवी मुख्य किरदार में
नजर आए थे। बोनी कपूर ने इस फिल्म पर पैसा पानी की तरह बहाया था, वहीं
फिल्म को सतीश कौशिक ने डायरेक्ट किया था।
करीब 9-10 करोड़ के बजट
में बनी यह फिल्म खास कमाल करके नहीं गई। 'आंखें' फिल्म (Aankhen Movie) का
कोई प्रचार नहीं हुआ और फिल्म में गोविंदा, कादर खान और राज बब्बर के डबल
रोल्स छा गए। इसके अलावा फिल्म में बंदर की एंट्री सबको खूब पसंद आई। फिल्म
में बंदर के साथ-साथ गोविंदा और कादर खान की कॉमिक टाइमिंग कमाल थी और
फिल्म ब्लॉकबस्टर रही।



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