रायपुर। भारतमाला मुआवजा घोटाले में राजस्व अधिकारियों ने एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार पर मेहरबानी करते हुए एक ही जमीन का दो बार मुआवजा ब...
रायपुर। भारतमाला मुआवजा घोटाले में राजस्व अधिकारियों ने एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार पर मेहरबानी करते हुए एक ही जमीन का दो बार मुआवजा बना दिया था। इसी तरह नान घोटाले के आरोपित का दो खसरों पर चार बार मुआवजा बना दिया। इससे पहले कि मुआवजा बंटता, भेद खुल गया।
शेष खसरे का भुगतान रोक दिया गया। योजना के तहत भूपेंद्र चंद्राकर को खसरा 1259/2 की 0.0316 हेक्टेयर भूमि के लिए 75.80 लाख रुपये का मुआवजा मिला, जबकि इसी खसरे का शेष 0.0084 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा अब तक लंबित है।
वहीं रोशन
चंद्राकर को खसरा 1259/5 की 0.0353 हेक्टेयर भूमि के लिए 84.68 लाख और
दूसरी बार 1502/5 की 0.0400 हेक्टेयर भूमि के लिए 95.95 लाख रुपये का
मुआवजा मिला। लेकिन तीसरी बार 1259/5 की 0.0047 हेक्टेयर भूमि का भुगतान
बाकी है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य पर भी गिर सकती है गाज
घोटाले में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की संलिप्तता सामने आ चुकी है। नायकबांधा में सबसे अधिक फर्जीवाड़ा हुआ और जिला पंचायत सदस्य ने यहां गुप्ता और चंद्राकर बंधुओं को जमीन दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनसे पूछताछ कर चुकी है।
मेरे द्वारा पूरे मामले के दस्तावेज की शिकायत 12 व 28 जुलाई 2022 को मुख्य सचिव को की गई थी। अब धीरे-धीरे पूरे मामले की जांच में हकीकत सामने आ रही है।
-कृष्णकुमार साहू, शिकायतकर्ता



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