नई दिल्ली । ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध होने के कारण सिर्फ तेल की कीमतों में इजाफा देखने को नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही एक और चीज है ...
नई
दिल्ली । ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध होने के कारण सिर्फ तेल की कीमतों
में इजाफा देखने को नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही एक और चीज है जो पिछले 8
सालों के रिकॉर्ड को तोड़कर बहुत तेजी से महंगी होती जा रही है। उसका नाम
है 'पिस्ता', इस खाने की चीज पर भी तेल जैसा असर देखने को मिल रहा है।
ईरान-अमेरिका मिलकर करते हैं 80% निर्यात
ईरान
में चल रहे संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में यह महंगा मिल रहा है। दरअसल,
ईरान और अमेरिका मिलकर दुनिया की लगभग 80% पिस्ता आपूर्ति पूरी करते हैं,
जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा उत्पादक है। ईरान पर हुए हमले ने पिस्ता के बाजार
का समीकरण ही बदल दिया है।
ईरान संघर्ष ने पिस्ता के निर्यात को
बाधित कर दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के
कारण कीमतें 8 साल के उच्चतम स्तर $4.57 (430 रुपये) प्रति पाउंड पर पहुंच
गई हैं। दुनिया के सबसे बड़े पिस्ता उत्पादकों में से एक देश को निर्यात
में रुकावटों, शिपिंग में अड़चनों और आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ रहा
है।
सप्लाई चेन में आई रुकावटों और दुबई चॉकलेट का असर
ब्लूमबर्ग
के अनुसार, साल 2023 के आखिर से ही पिस्ता की कीमतें लगभग 30% बढ़ चुकी
थीं। इसी दौरान वायरल दुबई चॉकलेट का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था।
ब्लूमबर्ग ने आगे बताया कि सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण मार्च में
पिस्ता की कीमतें अचानक से बढ़कर $4.57 (लगभग ₹430.52) प्रति पाउंड तक
पहुंच गई, जो मई 2018 के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
इसके
साथ ही पिस्ता का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश तुर्की है। वहीं, ईरानी
पिस्ता का एक बड़ा हिस्सा सीधे प्रतिबंधों से बचने के लिए तुर्की के रास्ते
भेजा जाता है। इससे एक और रणनीतिक परेशानी पैदा हो गई है, जिसके कारण दाम
में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
खेती और गोदामों पर हमले से बाधित हुई सप्लाई
इसके
अलावा पिस्ता के दाम बढ़ने के पीछे एक और बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि
युद्ध के कारण ईरान के पिस्ता गोदामों को काफी नुकसान हुआ, जिसके कारण
सप्लाई बाधित हो गई। सूत्रों की मानें तो, अमेरिका और इजरायल की सेना ने
पिस्ता की खेती पर भी सीधा हमला किया। इन हमलों में कृषि से जुड़े बुनियादी
ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें ईरान के पिस्ता गोदाम भी शामिल थे।
पिस्ता के सबसे बड़े उत्पादक देश आमने-सामने
मार्केट
रिसर्च कंपनी मोर्डोर इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक पिस्ता
बाजार का मूल्य 2026 में $5.49 बिलियन है और 2031 तक इसके $7.02 बिलियन तक
पहुंचने की उम्मीद है। ईरान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पिस्ता उत्पादक देश
है। इस देश का वैश्विक पिस्ता उत्पादन में लगभग पांचवां हिस्सा और निर्यात
में लगभग एक-तिहाई हिस्सा है, जबकि अमेरिका वैश्विक उत्पादन का लगभग 40%
हिस्सा उत्पादित करता है।
वहीं, साल 2011 से अमेरिका लगातार सबसे
बड़े निर्यातक के रूप में आगे बढ़ा है। अमेरिका ने इस दौरान ईरान को काफी
पीछे छोड़ दिया, जिसके कारण युद्ध में उलझते ही पूरी दुनिया में पिस्ता के
दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौजूदा समय में ईरान पूरे वैश्विक
पिस्ता उत्पादन का सिर्फ 20% हिस्सा ही उत्पादित कर पा रहा है।
ईरान का 'अमीरी' वाला ड्राई फ्रूट
बता
दें कि, पिस्ता मूल रूप से ईरान और मध्य एशिया का ड्राई फ्रूट है। वैसे तो
दुनिया में इसकी खेती हजारों सालों से की जा रही है, लेकिन प्राचीन समय
में इसे फारस (ईरान) में अमीरी की निशानी माना जाता था। पिस्ता के पेड़
सूखे और गर्म इलाकों में अच्छे से उगते हैं। आज भी ईरान दुनिया के सबसे
बड़े पिस्ता उत्पादकों में से एक है। वहां के 'अकबरी' और 'फंदोकी' पिस्ता
काफी मशहूर किस्मों में से हैं। स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बहुत
फायदेमंद होता है।



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