बिलासपुर। नगर निगम के संजय गांधी नगर वार्ड क्रमांक 29 (तारबाहर) में पार्षद उपचुनाव के लिए सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है। सभी 8 मतदान ...
बिलासपुर। नगर निगम के संजय गांधी नगर वार्ड क्रमांक 29 (तारबाहर) में पार्षद उपचुनाव के लिए सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है। सभी 8 मतदान केंद्रों पर निर्वाचन दल मुस्तैद हैं, जहां 5255 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पारंपरिक कांग्रेसी गढ़ को भेदने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है।
नगर निगम संजय गांधी वार्ड नंबर 29 में निर्वाचित पार्षद शेख असलम के निधन के बाद उपचुनाव के लिए आज वोट डालेगा। राजनैतिक लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस वार्ड में पिछले पांच दशकों से भाजपा तार के बाहर यानी शिकस्त खाती आ रही है, जबकि विधानसभा, लोकसभा और निगम चुनावों में यहां हमेशा कांग्रेस को ही बढ़त मिलती आई है। इस बार कांग्रेस ने सहानुभूति कार्ड खेलते हुए दिवंगत पार्षद के बेटे शेख आजम को मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा से तीसरी बार मधुसूदन राव अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
वार्ड के इतिहास पर नजर डालें तो 2019 में मुख्य चुनाव के दौरान मतगणना से पहले ही कांग्रेस उम्मीदवार शेख गफ्फार का निधन हो गया था, जिसके बाद हुए उपचुनाव में उनके भाई शेख असलम जीते थे। पिछले त्रिकोणीय मुकाबले में शेख असलम को 1800 से अधिक, भाजपा के मधुसूदन राव को 1200 और निर्दलीय एस कार्टर रेड्डी को 800 से अधिक वोट मिले थे।
इस बार आम आदमी पार्टी से सोहेल खान भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। हालांकि, मुख्य जोर-आजमाइश भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। मतदान में कुल 5255 मतदाताओं में से दोनों दल लगभग 4000 वोटिंग की उम्मीद जता रहे हैं। कड़े मुकाबले के रण का फैसला आगामी 4 जून को मतगणना के बाद साफ होगा।
पोलिंग बूथों पर कार्यकर्ताओं की फौज
तारबाहर के सभी 8 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही राजनैतिक दलों की हलचल तेज हो गई है। देर रात तक भाजपा और कांग्रेस के रणनीतिकार बूथ एजेंटों की सूची फाइनल करने और मतदाताओं को घरों से निकालने की जिम्मेदारी बांटने में जुटे रहे। इस बार कांग्रेस के अभेद्य दुर्ग में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने अपनी बिसात आक्रामक तरीके से बिछाई है।
तार के अंदर कौन आएगा, कौन जाएगा बाहर
उपचुनाव में सबसे दिलचस्प चर्चा तारबाहर वार्ड के नाम को लेकर चल रही है। पिछले पांच दशक से भाजपा इस इलाके में पैर जमाने की कोशिश कर रही है लेकिन जनता ने उसे हमेशा बाहर ही रखा है। अब देखना यह है कि वोटिंग के बाद भाजपा तार के अंदर प्रवेश कर पाती है या कांग्रेस तार के बाहर हो जाएगी।



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