जगदलपुर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले का पीवी-26 गांव में दस दिन पहले यहां भड़की हिंसा की आग अब शांत हो चुकी है, लेकिन गांव की ज़मीन पर बिखर...
जगदलपुर।
ओडिशा के मलकानगिरी जिले का पीवी-26 गांव में दस दिन पहले यहां भड़की
हिंसा की आग अब शांत हो चुकी है, लेकिन गांव की ज़मीन पर बिखरी राख आज भी
उस त्रासदी की गवाही दे रही है। जिन घरों में कभी चूल्हे जलते थे और बच्चों
की हंसी गूंजती थी, वहां अब जले हुए खंभे, राख और खामोशी पसरी है। पूरा
गांव बेघर हो चुका है। खेतों में खड़ी फसल जला दी गई, घरों में रखे गहने,
नकदी और अनाज लूट लिए गए। बिस्तर, बर्तन और फर्नीचर तक नहीं बचे। दिसंबर की
कड़ाके की ठंड में, जब तापमान सात-आठ डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है,
बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तालपत्री और दान में मिले पतले कंबलों के सहारे
किसी तरह रात काट रहे हैं। हर सुबह उजड़े आशियानों की ओर देखकर एक ही सवाल
मन में उठता है कि अब आगे क्या होगा।



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