रायपुर। खैरागढ़, छुईखदान, गंडई जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत देवरचा के आश्रित ग्राम टिंगीपुर में रहने वाले बैगा आदिवा...
रायपुर। खैरागढ़, छुईखदान, गंडई जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत
देवरचा के आश्रित ग्राम टिंगीपुर में रहने वाले बैगा आदिवासी समुदाय को अब
पेयजल के लिए झिरिया (प्राकृतिक जल स्रोत) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिला
प्रशासन एवं कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की पहल पर ग्राम पंचायत
द्वारा बस्ती में टैंकर के माध्यम से नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू कर
दी गई है।
पूर्व में टिंगीपुर के बैगा परिवार दैनिक जरूरतों के लिए जंगलों के बीच
स्थित झिरिया से पानी भरने को मजबूर थे। गर्मी के मौसम में जल स्रोत कम
होने से स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तय कर
पानी लाना पड़ता था, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
पड़ता था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने त्वरित
संज्ञान लेते हुए पंचायत एवं संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके
बाद ग्राम पंचायत देवरचा द्वारा टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति
सुनिश्चित की गई। अब नियमित अंतराल में टिंगीपुर बस्ती तक स्वच्छ पेयजल
पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा
कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा भविष्य में
स्थायी समाधान के रूप में नल-जल योजना एवं अन्य जल संरचनाओं के विकास की
दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र
में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए सतत निगरानी रखी जा रही है तथा
आवश्यकता अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।



No comments